सजल नयन — भावनाओं, प्रकृति और जीवन मूल्यों की एक सुंदर यात्रा
कभी-कभी एक कविता हमें वह महसूस करा देती है, जिसे हम लंबे समय से अपने भीतर लिए चलते हैं लेकिन शब्दों में कह नहीं पाते। डी. कुमार ‘अजस्र’ की पुस्तक सजल नयन – काव्य संग्रह ऐसी ही कविताओं का संग्रह है, जो जीवन के अनेक रंगों को सरल और भावपूर्ण तरीके से सामने लाती है। इस पुस्तक में प्रकृति है, देशप्रेम है, भक्ति है, बचपन है, समाज की चिंता है और सबसे बढ़कर मानवीय भावनाएँ हैं।
सजल नयन नाम ही अपने भीतर एक गहरी संवेदना लिए हुए है। सजल आँखें केवल दुख का संकेत नहीं होतीं, उनमें प्रेम, करुणा, खुशी, याद और उम्मीद भी छिपी होती है। यही भाव इस पुस्तक की कविताओं में अलग-अलग रूप में दिखाई देते हैं। कहीं कवि भगवान गणेश की प्रार्थना के माध्यम से श्रद्धा व्यक्त करते हैं, तो कहीं प्रकृति की सुंदरता को देखकर जीवन की नई प्रेरणा खोजते हैं।
इस संग्रह की खास बात यह है कि इसमें केवल एक तरह की कविताएँ नहीं हैं। गीत, दोहे, हाइकु, बाल कविताएँ, भक्ति रचनाएँ और प्रयोगात्मक कविताएँ मिलकर पुस्तक को अलग अनुभव देती हैं। हर रचना का अपना रंग है और अपना संदेश भी।
प्रकृति से जुड़ी कविताएँ पाठक को ठहरकर सोचने पर मजबूर करती हैं। बदलते मौसम, जल, पेड़-पौधे और पर्यावरण केवल सुंदरता के विषय नहीं रह जाते, बल्कि जिम्मेदारी का एहसास भी कराते हैं। जल संरक्षण जैसे विषय यह बताते हैं कि कविता केवल भावनाओं की बात नहीं करती, बल्कि समाज को जागरूक भी कर सकती है।
पुस्तक में देशप्रेम की भावना भी बहुत सहज रूप में सामने आती है। देश के प्रति प्रेम केवल गर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी और योगदान से भी जुड़ा है। इसी तरह महिलाओं की गरिमा, सामाजिक कर्तव्य और मानवीय संवेदनाओं पर लिखी रचनाएँ पाठक को अपने आसपास की दुनिया के बारे में सोचने का अवसर देती हैं।
बचपन से जुड़ी कविताएँ इस संग्रह में एक अलग मिठास लाती हैं। वे हमें उन दिनों की याद दिलाती हैं, जब छोटी-सी बात में भी खुशी मिल जाती थी। वहीं जीवन और आत्मचिंतन से जुड़ी कविताएँ हमें अपने भीतर झाँकने की प्रेरणा देती हैं।
डी. कुमार ‘अजस्र’ की भाषा सरल है, इसलिए कविताएँ आसानी से समझ में आती हैं। उनमें कठिन शब्दों से ज्यादा भावनाओं का महत्व है। शायद यही कारण है कि पुस्तक अलग-अलग उम्र के पाठकों से जुड़ सकती है।
सजल नयन केवल कविताओं की किताब नहीं लगती, बल्कि जीवन को थोड़ा और ध्यान से देखने का निमंत्रण देती है। यह हमें प्रकृति से प्रेम करना, समाज के प्रति जिम्मेदार होना, रिश्तों को समझना और कठिन समय में भी उम्मीद बनाए रखना सिखाती है। पुस्तक समाप्त होने के बाद भी उसकी कई भावनाएँ मन में बनी रहती हैं।